Sunday, 8 December 2013

A YAMRAAJ for TERRORISTS




एक जमाना था जब मेरे गुजरात में वहाँ का हर जिला उस इलाके के नाम से नहीं जाना जाता था , हर इलाका जाना जाता था , ये लतीफ कि गैंग का इलाका , ये मोहम्मद सूरती कि गैंग का ईलाका आदि आदि ..............हाँ ,ऐसे ही नाम थे साहब ...........खैर
अब तो लोग भूल भी गए लेकिन मित्रों आज मेरे राज्य के अंदर एक भी गैंग जिन्दा नहीं है



.............और मित्रों अभी तो बीच में देखा ही होगा आपने ...............बड़ा तूफ़ान चल रहा था अखबारों में
,टी .वी में मेरे खिलाफ ..............Ecncounter…………..Encounter………………Encounter……………………….हाँ मालुम है ना ...............Encounter,Encounter………….सब लग पड़े थे साहब ...............Encounter,Encounter,Encounter………………..सोहराबुद्दीन ...................सोहराबुद्दीन......................सोहराबुद्दीन ............



..........मित्रों जिसके खेत में से 100 से ज्यादा
AK-56 बंदूकें मिली हों और फिर भी उसको Certificate देने वाले इस देश में घूमते हों तो इससे बड़ा इस देश का दुर्भाग्य और क्या हो सकता है .............................और मेरे कोंग्रेस के मित्र तो सोहराबुद्दीन का जनाजा लेके नाच रहे थे .......................बस अब मोदी फंस गया ,बस अब मोदी मारा जाएगा ......................हाँ यही , यही सब चल रहा था साहब .................और मैंने कोंग्रेस वालों को भरी सभा में कह दिया था कि कोंग्रेस के लोग सोहराबुद्दीन का जनाजा लेकर नाच तो रहे हैं लेकिन मेरे रहते वो कभी गांधीनगर नहीं पहुँच पायेंगे .........



.......और मित्रों इस विषय पे मैं बहुत साफ़ बोलता हूँ ...........मैं मुंबई के इसी सभाग्रह में रेलवे में हुए बम धमाकों के बाद भी आया था और तब भी मैंने कहा था और मेरा मिजाज आज भी वही है कि मैं गुजरात कि धरती पर मौत के सौदागरों को चैन से जीने नहीं दूंगा ............मैं आतंकवादियों को ईंट का जवाब पत्थर से देने में यकीन रखने वाले लोगों में से हूँ ...............आम-आदमी सुख-चैन कि जिंदगी चाहता है
,वो अपनी रोजी-रोती कमाना चाहता है, वो अपना गुजारा करना चाहता है .............क्या ऐसी जिंदगी जियोगे कि बेटा स्कूल जाए और माँ-बाप परेशान रहें कि कब वापस लौटेगा और कोई भी लल्लू-पंजू उठाकर के ले जाए और 10 लाख – 15 लाख मांग ले ........................मित्रों ये देश ऐसे नहीं चल सकता है ........और फिर भी अगर किसी को ऐसे चलाना हों तो चलायें लेकिन मेरे रहते गुजरात तो ऐसे नहीं चलेगा ....................और मैं जानता हूँ मित्रों कि इसकी कीमत चुकानी पड़ती है ...............अगर साढ़े 5 करोड गुजरातियों कि भलाई के लिए मुझ एक को कीमत चुकानी पड़ी तो तैयार हूँ दोस्तों .............



तभी नारा गूंजा – नरेंद्र मोदी जी आगे बढ़ो
, जनता बोली - हम आपके साथ हैं



तभी मोदी जी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि – नहीं मेरा रास्ता ऐसा है कि साथ में मत चलियेगा
, परेशान हो जाओगे ...................बस जहां हो वही से खड़े रहकर सहारा देते रहना
 ( पूरा हॉल तालियों से गूँज उठा )



मोदी जी कि इस पूरी स्पीच कि विडियो यहाँ देखें –

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