Monday, 9 December 2013

नरेंद्र मोदी की सोच का स्तर








मुझे संतों से वे आशीर्वाद नहीं चाहिएँ जो किसी पद के लिए होते हैं ,कभी नहीं चाहिएँ ऐसे

आशीर्वाद  क्योंकि हम इसके लिए पैदा नहीं हुए हैं जी
,हम फकीरी को लेकर चले हुए इंसान हैं ,कुछ

लेना
, पाना, बनना इनकी कामना अपने जीवन में कभी नहीं रखी और ना ही आगे कभी रखूंगा , मुझे

संतों से सिर्फ इतना आशीर्वाद चाहिए कि मेरे जीवन में मैं कभी कोई गलत कार्य ना करूं
,राजा

रन्तिदेव ने एक बारी कहा था और यही मैंने भी अपने जीवन का मंत्र बनाया हुआ है
,उन्होनें कहा

था
‘’ ना कामे राज्यम् ना मोक्षं ना पुनर्भवम् , कामे दुःखतप्तीनाम् प्राणीनाम अतिनाश्नम || ‘’ अर्थात्

ना मुझे राज्य कि कामना है ना मुझे मोक्ष कि कामना है
,अगर कोई कामना है तो बस पीड़ितों के

,
वंचितों के ,दुखियारों के दुःख दूर करने कि कामना है


- नरेंद्र मोदी


No comments:

Post a Comment