‘’ ये
पाकिस्तान जो कि हिंदुस्तान कि सेना को आतंकवादी करार देने के लिए 20
साल से मेहनत कर रहा था लेकिन दुनिया के गले उतार नहीं
पाया था मित्रों जो काम पाकिस्तान 20
साल में नहीं कर पाया वो पाप हिंदुस्तान कि दिल्ली में
बैठी हुई केन्द्र कि इस कांग्रेस कि सरकार ने सिर्फ 20
दिनों में कर दिया है ,
हिंदुस्तान कि सेना को आतंकवादी करार दे दिया है ,आप
टी.वी पर देखते होंगे सेना के
जवान दिखाए जाते हैं आतंकवाद के रूप में ,वर्दी
में दिखाए जाते हैं आतंकवाद के रूप में , मित्रों
हिंदुस्तान कि सेना का इससे बड़ा अपमान कोई हो नहीं सकता ,ये
अपनी जवानी लगा देते हैं ताकि आप और हम चैन से सो पाएं .............सेना
का जवान ,पुलिस का जवान अपने सीने पर
गोलियाँ झेलता है और उसे तुम आतंकवादी कह रहे हो ............देश
कि सेना का अपमान करने वाली इस कोंग्रेस पार्टी से जवाब माँगना चाहिए
ये वो लोग हैं जो कि आतंकवाद में भी वोट बैंक कि राजनीती करते हैं..........पिछले 5 साल से आतंकवादी घटनाएं हो रही थी ,बम धमाके हो रहे थे ,ये आतंकवादी धमाके करके भाग जाते थे और सरकारें सिर्फ समीक्षाएँ करने में लगी रहती थी ,इनको पकडती नहीं थीं , लेकिन इसके बाद इन्होने गुजरात में आके गलती कर दी ,धमाका मेरे यहाँ आकर किया लेकिन इन मूर्खों को ये मालुम नहीं था कि बच्चे तुमने रोंग नम्बर लगा दिया है और मित्रों मैंने इनकी खाल खोल करके रख दी ,एक के बाद एक सारी घटनाओं के लोगों को पकड़ के रख दिया और मैं आपको कहता हूँ मित्रों कि हिंदुस्तान में से आतंकवादियों कि जड़ों को उखाड करके फैकना पड़ेगा और ऐसा करने के लिए मैं ठान के बैठा हूँ
ये अमरनाथ कि धरती ,सौ गज कि जमीन के लिए सौ करोड हिंदुस्तान भीख मांग रहे हैं और दिल्ली कि सरकार आतंकवादियों ने चिल्लाया तो मुजरा करने लगी ,अमरनाथ कि जमीन वापस दे दी ,मित्रों ऐसे निकम्मे और कायर लोग देश को कभी सुरक्षा नहीं दे सकते , आज पचास लोग बंदूकों और बम-धमाकों के बल पर देश को नचाएं और ये दिल्ली कि सल्तनत आंतंकवाद के सामने वोट बैंक कि राजनीती के लिए घुटने टेक दे ,कोई देश ऐसे नहीं चलता मित्रों
मेरे यहाँ आतंकवादी पकडे गए ,कोई
अबू बशीर पकड़ा गया ,कोई
सलीम पकड़ा गया ,कोई
कयामुद्दीन पकड़ा गया ,ना
जाने कितने आन,बान,खान
पकड़े गए ,मैंने भारत सरकार को कहा कि
आतंकवादियों को कठोर से कठोर सजा मिले इसके लिए मुझे ‘’
गुजकोक ‘’ का
कानून लागू करने दो तो मुझे क्या कहते हैं कि मोदी जी ये तो बड़ा ही पिशाची कानून है
,इसे हम आपके हाथों में नहीं
दे सकते और इसलिए इन आतंकवादियों पर इस कानून का उपयोग नहीं कर सकते ,लेकिन
जब माले-गाँव में बम धमाके हुए ,
कोई सेना का जवान पकड़ा गया ,कोई
साधू-महात्मा पकड़ा गया ,कोई
साध्वी पकड़ी गयी तो वहाँ पर ‘’ मकोका
‘’ का कानून लगाते हैं
मित्रों गुजरात का गुजकोक का कानून कोमा फुल स्टॉप लगाकर बिलकुल महाराष्ट्र के मकोका के कानून कि जेरोक्स कोपी है ,कोई फर्क नहीं है लेकिन फिर भी वोट बैंक कि राजनीती के कारण उस कानून को लागू नहीं होने दे रहे गुजरात में
आप मुझे बताइए ,
कोई अबू बशर पकड़ा जाए ,कोई
सलीम पकड़ा जाए ,कोई
कयामुद्दीन पकड़ा जाए ,कोई
उस्मान पकड़ा जाए तो उस पर कठोर कानून नहीं लगेगा लेकिन अगर कोई साध्वी पकड़ी जाए ,कोई
साधू पकड़ा जाये ,कोई
सेना का जवान पकड़ा जाए तो उस पर कठोर कानून लगेगा,
आखिर ये भेद-भाव
क्यों ?? क्या ये आतंकवाद से लड़ने का
तरीका है ??..........क्या
सभी आतंकवादियों को एक ही कानून से सजा नहीं होनी चाहिए ??
और एक बात और बताऊं,
मेरी सरकार जब अबू बशर का रिमांड मांगती है तो सिर्फ
14 दिन का रिमांड मिलता है लेकिन
महाराष्ट्र कि कोंग्रेस कि सरकार जब साध्वी का रिमांड मांगती है तो 6
महीने का रिमांड मिलता है
मेरे यहाँ अगर अबू बशीर का कोई साथी भाग गया तो
मैं उसकी सम्पति जब्त नहीं कर सकता हूँ लेकिन महाराष्ट्र में अगर साध्वी का कोई चेला
भाग गया तो उसकी सम्पति जब्त हो जाती है
मैंने अगर अबू बशर कि टेलीफोन पे बातचीत अपने आकाओं
से करते हुए सुन ली और उसे रिकॉर्ड करके कोर्ट में पेश कि तो भी मैं अबू बशर को सजा
नहीं करवा सकता हूँ लेकिन अगर साध्वी कि फोन कि बातचीत रिकॉर्ड करके कोर्ट में पेश
कि गयी तो उसे फांसी तक कि सजा करवाई जा सकती है
मेरे यहाँ अगर अबू बशर ने किसी के यहाँ रात को
आराम किया हो ,किसी
के यहाँ बारूद छुपाया हों ,किसी
के यहाँ खाना खाया हो तो भी मैं उसके उस शुभचितंक को सजा नहीं करवा सकता हूँ लेकिन
अगर साध्वी प्रज्ञा ने या आर्मी के किसी जवान ने किसी के घर में चाय भी पी ली हो तो
चाय पिलाने वाले को फांसी कि सजा करवाई जा सकती है
ये भेदभाव क्यों ............................क्यों
ये भेद-भाव ??
और इसीलिए मित्रों मेरी लड़ाई बड़ी मुद्दों कि है
और ये दिल्ली कि कोंग्रेस कि सल्तनत मुझे जवाब नहीं दे पा रही है ,मैं
आतंकवाद का घौर दुश्मन हूँ और मैं आतंकवाद को हिंदुस्तान कि जड़ों से उखाड फैंकने के
लिए बड़ी ताकत से मैदान में उतरा हुआ इंसान हूँ
आपके पास
चाहे घर हो ,बंगला हो ,गाडी हो
लेकिन जवान बेटा भी तो शाम को जिन्दा और सुरक्षित घर वापस लौटना चाहिए और तब जाकर के
कहना पड़ता है मित्रों कि आज के समय में भारतीय जनता पार्टी के अलावा और दूसरा कोई चारा
नहीं है ‘’
No comments:
Post a Comment