संजय बरागटा –
आप जैसे-२ सफलता
कि सीढियां चढते जा रहे हैं वैसे-२ आपके अपने हिंदुत्ववादी परिवार के लोग ही आपकी
सफलता से जलने लगे हैं ,इर्ष्या करने लगे हैं ,आपके रास्ते में आने लगे हैं इससे कभी आपको
दुःख हुआ है ??
नरेंद्र मोदी –
पहली बात है ऐसा
कभी कुछ हुआ नहीं है ,कोई मेरे रास्ते में आया नहीं है ,ये खाली कुछ न्यूज का ,खबरों का व्यापार करने वाले व्यापारियों के
दिमाग कि उपज है जो उनको अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए चाहिए ,इसलिए वो ये सब
अपनी रोजी-रोटी के लिए फैलाना चाहें तो फैलाते रहें ,मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता
संजय बरागटा –
लेकिन प्रवीण
तोगड़िया खुद कई बार कहते हैं कि आपका अपना अजेंडा है उनका अपना अजेंडा है ,अब इसमें कोई
न्यूज वाला थोड़े ही कहलवाता है ऐसा उनके मुंह से
नरेंद्र मोदी –
मैंने तो ऐसा कभी
कुछ सुना नहीं भई
संजय बरागटा –
कहीं ऐसा तो नहीं
है कि आप जानबूझकर सुनना ही नहीं चाहते
नरेंद्र मोदी –
मेरे चाहने ना
चाहने से क्या फर्क पड़ना है भई ,कान सबके खुले हैं ,ईश्वर ने खुद ने ऐसी व्यवस्था कि हुई है कि आप
भले ही देखना बंद कर सकते हैं परन्तु सुनना तो आपको पड़ेगा ही क्योंकि कान पर कोई
दरवाजा नहीं लगाया है परमात्मा ने ..........:) :) :)
संजय बरागटा –
तो क्या ये माना
जाए कि संघ ,बीजेपी और विश्व हिंदू परिषद ,इन तीनों के बीच में अभी वैसा तालमेल है जैसा कि पहले होता
था और जैसा कि होना चाहिए ??
नरेंद्र मोदी –
देखिये ये एक
वैचारिक परिवार है जो कि हमेशा अच्छा रहा है , पहले भी अच्छा था,आज भी अच्छा है और आगे भी हमेशा अच्छा ही रहेगा
,इस वैचारिक
परिवार के सारे लोग आपस में मिलजुल कर देश कि सेवा में लगे हुए हैं
संजय बरागटा –
हम देख रहे हैं
कि आजकल गरीब बस्तियों में लोगों को हिंदू धर्म से इस्लाम तथा ईसाई धर्म में
कन्वर्ट किया जा रहा है ,इस धर्मान्तरण के विषय में आपके क्या विचार हैं ,क्या
धर्म-परिवर्तन करने कि आजादी होनी चाहिए ??
नरेंद्र मोदी –
जब तक इस वोट
बैंक कि राजनीती के खातिर हम सत्य को समझेंगे नहीं तब तक हम समस्या का समाधान भी
नहीं निकाल पाएँगे , क्या कारण था कि महात्मा गाँधी ने बार-२ कहा था कि
हिन्दुस्तान में धर्म-परिवर्तन नहीं होना चाहिए ,कन्वर्जन के खिलाफ खुद महात्मा गांधी ने अनेकों
लेख लिखे थे ,जहां उन्हें अवसर मिला उन्होनें इसके खिलाफ आवाज उठाई थी ,हम और किसी कि
बात मानें या ना मानें परन्तु क्या महात्मा गाँधी कि बात को हम मानेंगे या नहीं बस
केवल इतना हमें सोचना है
और पंडित नेहरु
के जमाने में मध्य-प्रदेश में एक योगी कमीशन बैठा था जिसकी रिपोर्ट इस धर्मान्तरण
के खिलाफ थी ,उस समय हम भाजपा वाले कहीं पर नहीं थे ,संघ ,बजरंग दल ,विश्व हिंदू परिषद आदि कहीं नहीं थे उस समय कि
ये रिपोर्ट थी लेकिन दुर्भाग्य ये रहा कि कोंग्रेस ने अपनी राष्ट्रवाद कि नीति को
इस वोट बैंक कि राजनीती के कारण त्याग दिया और उसी का नतीजा है कि आज देश इस
प्रकार कि चीजों को भुगत रहा है
संजय बरागटा –
परन्तु कुछ मामले
ऐसे भी आए हैं जिनमें कि इस्लाम या ईसाई धर्म से हिंदू धर्म में भी कन्वर्ट किया
जा रहा है
नरेंद्र मोदी –
अगर आप अपने
पुराने घर में वापस आयें तो वो कन्वर्जन नहीं कहलाता है ,लेकिन अगर आप किसी व्यक्ति को विदेशी धन का
दुरूपयोग करके उसको कोई लालच देकर या भयभीत करके ,डरा-धमकाकर उसका धर्म-परिवर्तन करते हैं तो वो
गलत है और वो संकट पैदा करता है
संजय बरागटा –
कानपुर और
महाराष्ट्र में हुई कुछ घटनाओं में बजरंग दल का हाथ होने कि बात सामने आई है , कुछ लोग बजरंग दल
पर भी सिमी कि तरह बैन लगाने कि मांग कर रहे हैं ,क्या आप इस मांग से सहमत हैं ??
नरेंद्र मोदी –
अगर बजरंग दल का
इनमें से किसी भी घटना में हाथ होता तो आज दिल्ली में बैठी हुई ये कोंग्रेस कि
सरकार उनको जिन्दा रहने देती क्या ,अरे उनके पुरखों तक कि जांच वगैरह करके उनको अब तक फांसी पे
लटका दिया होता ऐसे ये कोंग्रेस वाले हैं , लेकिन खाली बयानबाजी करना ,राजनैतिक
स्टेटमेंट करना ये खेल तो चलता रहता है इस देश में और उसके आधार पर आप किसी को
दोषी थोड़े मानना शुरू कर देंगे

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