स्वाति चतुर्वेदी –
आप एक बहुत ही Private
Person हैं , मुझे एक सीधा जवाब दीजिए कि क्या आपकी अपनी विचारधारा कि वजह से आप
बिलकुल अकेले हैं ,आप अकेले रहते हैं ,आपका अपने परिवार से भी कोई लेना-देना नहीं
है ,इतना अकेले रहना क्यों पसंद करते हैं आप ??
मैं राष्ट्रिय स्वयमसेवक
संघ ( RSS ) का प्रचारक रहा हूँ और
इसलिए वहाँ कि प्रचारक परम्परा में अकेले रहना बहुत स्वभाविक है , लेकिन मैं
समाज-जीवन से जुड़ा रहता हूँ , समाज के हर सुख-दुःख के मुद्दे पर मैं समाज के साथ
हूँ , हर पल मेरे साढ़े पांच करोड़ गुजराती मेरे मन-मस्तिष्क में रहते हैं ,मैं उनके
बीच में होता हूँ , और इसलिए मुझे कभी अकेलापन महसूस नहीं हुआ है
दूसरी बात है कि मुझे मालुम
है कि अगर मुझे काम करना है तो स्वभाविक है कि इन डिनर पार्टी ,इन लंच पार्टी
इत्यादि ही करते रहोगे तो जनता का काम कैसे करोगे ,तो बस इसीलिए मैं इन चीजों से
खुद को थोड़ा बाहर रखता हूँ ताकि मेरे पास समय बच जाए और मेरे राज्य कि सेवा में
काम आए
स्वाति चतुर्वेदी –
लेकिन तब भी एक मित्र कि
,एक साथी कि कभी-२ एक जिसे कहते हैं कि एक जरूरत तो महसूस होती है ,लगता है कि कुछ
अधूरापन सा है
नरेंद्र मोदी –
सारे के सारे साढ़े-पांच
करोड़ गुजराती मेरे मित्र हैं ,मेरे साथी हैं ,मेरे मार्गदर्शक हैं
स्वाति चतुर्वेदी –
आपकी पार्टी में भी आपके
बारे में ये धारणा है कि आप एक अकेले व्यक्ति हैं ,आपके दुसरे नेताओं कि तरह social
रिश्ते नहीं हैं
नरेंद्र मोदी –
मैं नहीं मानता हूँ कि social
रिश्ते नहीं हैं ,सामाजिक जीवन तो रहता ही है ,
आखिर एक व्यक्ति समाज में अकेला कैसे रह सकता है ,लेकिन दुनिया में एक जो ये धारणा
बन गई है कि अगर ये-२ चीजें करें तो ही वो व्यक्ति social कहलायेगा ऐसा व्यक्ति मैं नहीं हूँ
स्वाति चतुर्वेदी –
सुना है बहुत दिनों से आप
केवल जल ही ग्रहण कर रहें हैं
नरेंद्र मोदी –
ये नवरात्री में मैं करता
ही हूँ , मैं शक्ति कि उपासना करने वाला व्यक्ति हूँ ,इसलिए ये करता रहता हूँ और
अब से नहीं करीब पैतींस साल से कर रहा हूँ
स्वाति चतुर्वेदी –
आपको खाने में क्या पसंद है
??
नरेंद्र मोदी –
मैं खिचड़ी खाना पसंद करता
हूँ , इसका कारण ये है कि मेरे जीवन के कई वर्ष मैं अकेला रहा हूँ और इसलिए कई बार
मैं अपना खाना खुद पकाता था और उसमें खिचड़ी बनाना सबसे सरल था इसलिए उसी का स्वाद
लग गया ( हंसते हैं )
स्वाति चतुर्वेदी –
आपका एक ब्यान बहुत ज्यादा
प्रसिद्ध हुआ था ,आपने कहा था कि – ‘’ ना मैं खाता हूँ और ना ही खाने देता हूँ ‘’
, इस देश में पहली बार किसी नेता ने करप्शन के ऊपर इतना साफ़ ब्यान दिया था और इससे
बीजेपी तो छोडिये आपका खुद का brand बन गया
था
नरेंद्र मोदी –
देखिये इसमें brand वगैरह जैसी कोई बात नहीं है , ये मेरी
कार्य-शैली का हिस्सा है और इसके लिए मैं मेहनत करता हूँ ,अनेक प्रकार कि
कठिनाइयों को पार करता हूँ ,मेरे खुद के कुछ लोगों को भी इससे मैं नाराज भले ही कर
दूँ लेकिन मेरे ऊपर गुजरात कि जनता का विश्वास मेरे लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है
स्वाति चतुर्वेदी –
कहते हैं बीजेपी में सारे
नेता आपसे डरे हुए हैं कि कहीं नरेंद्र मोदी गुजरात को छोडकर दिल्ली में ना जाएँ ,
कोई ऐसा नेता है पार्टी में जो आपका सबसे अच्छा दोस्त हो ??
नरेंद्र मोदी –
देखिये मेरे सभी अच्छे
दोस्त हैं ,जो मुझसे बड़े हैं मैं उनका आदर करता हूँ और जो मेरे बराबर के हैं मैं
उनसे दोस्ताना रखता हूँ लेकिन इन सभी का मुझे प्रेम मिला है ,अगर प्रेम ना मिला
होता तो आज जहाँ मैं हूँ वहाँ ना होता ,आज जहां मैं हूँ वो केवल मेरी मेहनत से
नहीं बल्कि मेरे साथ-२ मेरी पार्टी के अनेक लोगों कि भी मेहनत का परिणाम है
स्वाति चतुर्वेदी –
आपके शौक क्या हैं ,गुजरात
चलाने के अलावा आप और क्या करते हैं ??
नरेंद्र मोदी –
अभी तो गुजरात के सिवा और
कुछ नहीं करता हूँ , मैंने अपना मन इसी में लगा दिया है ,ईश्वर ने मुझे जितनी शक्ति
दी है और जितना समय दिया है वो सब मैं इसमें लगा रहा हूँ , जब मुख्यमंत्री नहीं था
तब मैं योग कि दुनिया से जुड़ा हुआ था , मैं हिमालय में काफी रूचि रखता हूँ ,खुद
हिमालय में काफी घूम चुका हूँ , कैलाश मानसरोवर कि यात्रा कर चुका हूँ , photography कभी मेरा शौक रहता था ,
लिखना-पढ़ना भी मेरा शौक है ,कविताएँ लिखता हूँ ,कविताएँ पढता हूँ , कुछ किताबें भी
लिखी हैं
स्वाति चतुर्वेदी –
किस तरह कि कविताएँ आप
लिखते हैं ??
नरेंद्र मोदी –
समाज –जीवन से जुडी
स्वाति चतुर्वेदी –
यानि No
Romantic Poetry
नरेंद्र मोदी –
अगर कोई उसमें से Romance ढूँढना चाहे तो ढूंढ
सकता है
स्वाति चतुर्वेदी –
आप Romance
ढूंढते हैं या नहीं ??
नरेंद्र मोदी –
मैं केवल प्रकृति से ही
प्रेम करता हूँ
स्वाति चतुर्वेदी –
कल अगर आपकी पार्टी आपको ये
कहे कि मोदी जी , हम चाहते हैं कि अब आप गुजरात को छोडकर दिल्ली आयें ,हमें आपकी
जरूरत है ,तब आप क्या करेंगे ??
नरेंद्र मोदी –
मुझे पूरा विश्वास है कि
मेरी पार्टी मुझे कोई भी बात मीडिया के जरिये नहीं कहेगी और इसलिए इसका जवाब भी
मैं पार्टी को खुद ही दूँगा मीडिया के जरिये नहीं दूँगा
स्वाति चतुर्वेदी –
लेकिन क्या आपको दिल्ली कि
याद नहीं आती ,आपके शब्दों में दिल्ली सल्तनत कि याद नहीं आती ??
नरेंद्र मोदी –
देखिये जब पार्टी ने मुझे
दिल्ली ,हिमाचल ,चंडीगढ़ ,हरियाणा और यहाँ तक कि जम्मू-कश्मीर में उस समय वहाँ काम
करने के लिए भेजा था जब वहाँ आतंकवाद सबसे ज्यादा चरम पर था ,तब भी उन दिनों में
जब वहाँ मैं काम करता था तब मैं अपना सारा ध्यान ,सारी उर्जा केवल उसी काम में
लगाता था कभी गुजरात को याद नहीं करता था ,अब जब मैं गुजरात आया हूँ तो अब बाकी
जगहों पर ध्यान केंद्रित नहीं करता ,मैं एक समर्पित व्यक्ति हूँ ,जो कार्य मुझे
दिया जाता है उसी में मैं अपनी क्षमता कैसे बढाऊं,ज्यादा से ज्यादा काम कैसे करूँ
,अच्छा काम कैसे करूँ बस इसी में मैं लगा रहता हूँ
स्वाति चतुर्वेदी –
एक दिन में कितने घंटे काम
करते हैं आप ??
नरेंद्र मोदी –
मैं कह नहीं सकता लेकिन
मेरे साथी मुझे बार-२ कहते रहते हैं कि मोदी जी अब आराम कीजिये ,कभी तो काम से
छुट्टी लीजिए लेकिन मैं आराम या छुट्टी नहीं ले सकता ,मुझे वो जमता ही नहीं है
स्वाति चतुर्वेदी –
आपने अपनी आखिरी छुट्टी कब
ली थी ??
नरेंद्र मोदी –
गुजरात का मुख्यमंत्री बनने
के बाद 15 मिनट के लिए भी छुट्टी नहीं ली है
स्वाति चतुर्वेदी –
कोंग्रेस कहती है कि गुजरात
दंगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से जो आपको क्लीन चिट् मिली है उसे खारिज किया जाए
नरेंद्र मोदी –
कोंग्रेस पार्टी सुप्रीम
कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगी ऐसी अपेक्षा इस पार्टी से करना थोड़ा ज्यादा है ,
ये ही कोंग्रेस पार्टी है जिसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी अफजल गुरु कि
फांसी को वोट-बैंक के लिए 12-12
साल तक लटकाए रखा , ये ही कोंग्रेस पार्टी है जो
कि सुप्रीम कोर्ट के गौ-वंश रक्षा के पक्ष में निर्णय देने के बाद भी उसे नहीं मान
रही है जबकि यहाँ गुजरात में मैं गौ-वंश रक्षा में लगा हुआ हूँ , इसी सुप्रीम
कोर्ट ने शाहबानो मामले में फैसला दिया था और इस कोंग्रेस पार्टी ने उस फैसले को
कचरे की टोकरी में डाल दिया था ,ऐसी पार्टी जो सुप्रीम कोर्ट तक के फैसलों का
सम्मान नहीं करती ऐसी पार्टी का मेरे मामले में बोलने का कोई नैतिक अधिकार ही नहीं
बनता है
स्वाति चतुर्वेदी –
आपने एक ब्यान दिया था कि
गुजरात का जो पैसा है वो गुजरात में ही खर्च करने दिया जाए ,कोंग्रेस पार्टी ने इस
पर कहा कि आप पर देशद्रोह का मुकद्दमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उनके मुताबिक़
आप गुजरात को भारत से अलग करना चाहते हैं
नरेंद्र मोदी –
मैं तो कबसे इन्तेजार कर
रहा हूँ कि कोंग्रेस अभी के अभी मेरे खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराये , दूसरी बात है कि
मैंने सिर्फ इतना कहा था कि केन्द्र कि ये कोंग्रेस कि सरकार खाली ये घोषित करे कि
हर साल गुजरात से आप कितना धन ले जाते हो और गुजरात को कितना धन देते हो ,बस केवल
इतना ही मैंने कहा था
स्वाति चतुर्वेदी –
आपको किसी सिंगापुर के
मंत्री ने एक बार कहा था कि आप Brand India मत बेचिये ,आप Brand Gujarat बेचिये क्योंकि वो ज्यादा बिकेगा
,क्या यह सच है ??
नरेंद्र मोदी –
देखिये मुझे ऐसी सलाह कई
लोगों ने दी है लेकिन मेरा एक ही मंत्र रहता है और वो है भारत के विकास के लिए
गुजरात का विकास , गुजरात अगर प्रगति करेगा तो वो देश के लिए ही करेगा , कोई
गुजरात खाली अपने खुद के लिए प्रगति नहीं करेगा ,जब बिहार में बाढ़ कि विपत्ति आई
थी तो गुजरात दौड़ पड़ा था अपने बिहार कि मदद करने के लिए
स्वाति चतुर्वेदी –
तो आप कोंग्रेस कि इस बात
से सहमत नहीं हैं कि नरेंद्र मोदी गुजरात को एक रिपब्लिक बनाना चाहते हैं जिसके
राष्ट्रपति वो खुद होंगें
नरेंद्र मोदी –
मुझे लगता है कोंग्रेस के लोगों
को एक बार फिर से देश का सम्विधान पढ़ना पढ़ेगा
स्वाति चतुर्वेदी –
मैं आपसे बहुत साफ़ शब्दों
में जानना चाहती हूँ कि ये वोटबैंक कि राजनीती का मतलब क्या होता है
नरेंद्र मोदी –
हिन्दुस्तान के संविधान को
बनाने वालों ने कहा था कि कभी भी धर्म के आधार पर किसी को भी आरक्षण मत दो ,देश कि
संविधान सभा जो थी उसमें एक भी RSS या विश्व हिंदू परिषद का सदस्य नहीं था ,सभी गांधीवादी लोग उसमें मौजूद थे
जिन्होनें संविधान बनाया था ,और उस संविधान को बनाते समय जो बहस हुई थी उसमें कहा
गया था कि देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए ,लेकिन देश का
दुर्भाग्य देखिये कि वोट बैंक कि राजनीती के कारण आंध्र-प्रदेश जैसे राज्य जिसकी
मुस्लिम आरक्षण कि अपील को हाई-कोर्ट तीन-२ बार खारिज कर चुकी है उसके बावजूद भी
उस दिशा में चल रहे हैं
हिन्दुस्तान कि सेना में हिंदू कौन ,मुसलमान कौन ,ईसाई कौन आदि कभी नहीं पूछा गया था लेकिन इस देश कि कोंग्रेस कि सरकार ने ऐसा कमीशन बनाया जो कि देशभक्तों को ये पूछ रहा है कि आपका धर्म क्या है ,अरे !! उसका धर्म भारत माता है भई , ये जो बंटवारा करने कि कोशिश होती है वो वोट बैंक राजनीती के कारण होती है
अभी एक और नए कमीशन कि रिपोर्ट आई है जो कि बड़ी खतरनाक है , वो रिपोर्ट ये कहती है कि हिन्दुस्तान के अंदर दलितों को , आदिवासियों को आरक्षण देने का कारण सामाजिक ,ऐतिहासिक व्यवस्था है , हमारे पूर्वजों ने पाप किये हैं जिनसे बाहर लाने के लिए ये आवश्यक है , लेकिन अब इसमें ये और क्या कर रहे हैं , जो Converted दलित हैं , Converted आदिवासी हैं उनको भी आरक्षण का अधिकार ये देने कि सोच रहे हैं ,इसका मतलब आप Conversion को एक Incentive बना रहे हैं ,और तब जाकर के क्या यह सवाल नहीं बनता कि ऐसा करने के पीछे क्या विदेशी ताकतों का हाथ नहीं है
हिन्दुस्तान कि सेना में हिंदू कौन ,मुसलमान कौन ,ईसाई कौन आदि कभी नहीं पूछा गया था लेकिन इस देश कि कोंग्रेस कि सरकार ने ऐसा कमीशन बनाया जो कि देशभक्तों को ये पूछ रहा है कि आपका धर्म क्या है ,अरे !! उसका धर्म भारत माता है भई , ये जो बंटवारा करने कि कोशिश होती है वो वोट बैंक राजनीती के कारण होती है
अभी एक और नए कमीशन कि रिपोर्ट आई है जो कि बड़ी खतरनाक है , वो रिपोर्ट ये कहती है कि हिन्दुस्तान के अंदर दलितों को , आदिवासियों को आरक्षण देने का कारण सामाजिक ,ऐतिहासिक व्यवस्था है , हमारे पूर्वजों ने पाप किये हैं जिनसे बाहर लाने के लिए ये आवश्यक है , लेकिन अब इसमें ये और क्या कर रहे हैं , जो Converted दलित हैं , Converted आदिवासी हैं उनको भी आरक्षण का अधिकार ये देने कि सोच रहे हैं ,इसका मतलब आप Conversion को एक Incentive बना रहे हैं ,और तब जाकर के क्या यह सवाल नहीं बनता कि ऐसा करने के पीछे क्या विदेशी ताकतों का हाथ नहीं है
एक रिपोर्ट ये भी बताती है
कि हिन्दुस्तान ने पाकिस्तान के साथ जितने भी युद्ध लड़े हैं और उसमें जितने भी
हमारे सेना के जवान और अफसर मरे हैं उससे ज्यादा हमारी सेना के जवान और अफसर इन
आतंकवादियों के कारण मरे हैं ,और तभी मैं कहता हूँ कि इस देश में आतंकवादियों के
खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए पोटा का कानून ना बनाना भी इसी वोट बैंक राजनीती का हिस्सा
है ,मैं समझ नहीं पाता हूँ जब ये तथाकथित सेकुलर जब कहते हैं कि ये पोटा का आतंकवाद
को खत्म करने का कानून एक खास धर्म ( मुसलमानों ) के खिलाफ है ,अरे भई यही कानून
लागू होने पर नक्सलवाद के खिलाफ भी उपयोग में लिया जाएगा ,कोई मुझे बताएगा कि
नक्सलवाद में कौन से धर्म के लोग मौजूद हैं ,उनके लिए कोई नहीं बोलता है
स्वाति चतुर्वेदी –
गुजरात में हर चुनाव का
मुद्दा सिर्फ एक ही होता है और वो है नरेंद्र मोदी ,ऐसा शायद इस आपकी उस छवि के
कारण होता है जो आपने बनाई है
नरेंद्र मोदी –
मैंने कभी भी मेरी छवि कि
ना तो चिंता कि है और ना ही उसके लिए प्रयास किया है , मेरी कोशिश हमेशा मेरे
गुजरात कि छवि बनाने कि रहती है , जैसे किसी जमाने में Made in Japan चला करता था वैसी ही स्तिथि
मैं बना देना चाहता हूँ कि Made
in Gujarat चले ,
गुजरात कि सारी दुनिया में एक छवि बने ये मैं चाहता हूँ और इसके लिए मुझे जो करना
होगा मैं करूँगा ,मोदी के लिए तो मेरे पास समय ही नहीं है , I
can’t waste my
time for Modi

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