'' कोंग्रेस मेरे
ऊपर आरोप लगाती है कि मैंने नर्मदा का पानी साबरमती नदी में जानबूझकर श्रावण के
महीने में पहुँचाया जिससे कि मुसलमानों कि भावनाएं आहत हो रही हैं ,मैं कोंग्रेस वालों से पूछता हूँ कि गुजरात में
तुम्हारी सरकार होने पर तुम पानी केवल रमजान के महीने में पहुंचाया करते थे तो उस
समय हिंदुओं कि भावनाएं आहत होने कि परवाह कि थी तुमने ????,तुमने रमजान के महीने में पहुँचाया मैंने श्रावण के महीने
में पहुंचाया ...हिसाब कबका बराबर हो चुका ( चारों और तालियाँ ही तालियाँ गूँज
उठी ) ''
'' एक बच्चे को अगर आप खाली
धार्मिक ज्ञान ही देते रहोगे लेकिन उसे प्राइमरी एजुकेशन नहीं लेने दोगे तो बड़ा
होने पर वो बेचारा आखिर करेगा क्या ?? फिर तो उसका केवल इस्तेमाल ही किया जाएगा
धर्म के ठेकेदारों के द्वारा आतंकवाद के लिए , इसलिए हमने गुजरात में मदरसों से
बातचीत की कि भई आप लोग कृपया धार्मिक शिक्षा के साथ-२ अपने बच्चों को बेसिक
प्राइमरी एजुकेशन भी मुहैया करवायें और अगर नहीं करवा सकते तो हमें बताएं ,हम करेंगें
उसकी सारी व्यवस्था और मुझे बेहद खुशी है ये बताते हुए कि बहुत से मदरसों ने हमारी
इस बात को सही माना और अपने यहाँ प्राइमरी एजुकेशन देने कि भी व्यवस्था की है
लेकिन कोंग्रेस पार्टी को इसमें भी पेट में दर्द है कि क्यों मैं मुसलमानों को
उनकी पुरानी सोच से हटाकर उन्हें आगे बढाने कि कोशिश कर रहा हूँ ,इस पर वो और
मीडिया मुझे साम्प्रदायिक बोलती है,उनके धार्मिक मामलों में दखल देने वाला कहती है
लेकिन जब यही काम पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्टों कि सरकार द्वारा किया जाए तो
मीडिया को वो सेकुलर नजर आता है ,यह दोहरा रवैया क्यों ??? कितनी अजीब बात है कि
खुद मुसलमानों को इसपे आपत्ति नहीं है लेकिन कोंग्रेस पार्टी को आपत्ति है कि गलती
से भी कहीं मुसलमान ने भी विकास और उन्नति कि इस सोच को अपना लिया तो वो अपना वोट
बैंक आखिर किसे बनाकर रखेगी ''
'' आज गुजरात में जनसंख्या बढती जा रही है और जब मैं उसे सख्ती
से नियंत्रित करने के लिए हिंदू और मुसलमान दोनों पर अभियान चलाता हूँ तो ये
कोंग्रेस वाले कहते हैं कि मैं मुसलमानों पर ज्यादती कर रहा हूँ ,तो कोंग्रेस पार्टी क्या चाहती है कि मैं
उन्हें हम पांच हमारे पच्चीस करने का खुला लाइसेंस दे दूँ और राज्य का बेड़ा गर्क
होने दूँ ???.......और वैसे भी
कोंग्रेस वालों को शर्म भी नहीं आती हर बात में धर्म को बीच में लाते हुए ,क्या चीन में भी मोदी और बीजेपी का राज है क्या
?? नहीं ना लेकिन फिर भी चीन
वालों ने क्यों सख्ती से अपने यहाँ बेकाबू होकर बढती जनसंख्या को काबू में लाने के
लिए सख्त कदम उठाये हैं ??.....क्योंकि उन्हें मालुम है कि जल,जंगल और जमीन की मात्रा सीमित है और अगर जनसंख्या
इसी तरह से बढती रही तो हर किसी के लिए सुविधाएं मुहैया करवाना असम्भव हो जाएगा ,
अरे अगर जनसंख्या नियंत्रित होगी तो इससे राज्य के ऊपर बोझ कम पड़ेगा और वो हर पैदा
होने वाले बच्चे को अच्छी शिक्षा और अच्छा रोजगार उपलब्ध करवा सकेगी ,हिंदू और
मुसलमान दोनों को इससे फायदा होगा और मुसलमानों को तो ज्यादा होगा क्योंकि तब उनके
बच्चों को खाली टायर में पंक्चर लगाने का काम नहीं करना पड़ेगा .........आबादी बढती
जा रही है लेकिन जल,जंगल और जमीन तो नहीं बढ़ सकते ,जमीन तो उतनी कि उतनी ही रहनी
है ,कोंग्रेस वाले क्या चाहते हैं कि एक दिन ऐसा आ जाए कि पाँव रखने कि भी जगह ना
हो और खाने को अनाज भी पूरा ना पड़े , अगर मुझे गुजरात का विकास करना है तो मुझे
ऐसा आर्थिक ढांचा खड़ा करना ही पड़ेगा जिससे कि गुजरात में पैदा होने वाले हर बच्चे
को साफ़ पानी ,अच्छी शिक्षा और बेहतर रोजगार मिले और जिन चीजों से भी राज्य पर
बेकार का अनावश्यक बोझ पड़ता हो उन चीजों को रोका जाए और मैं हर हाल में रोकूँगा
चाहे कोंग्रेस वाले कितना ही रो पीट लें लेकिन मुझे मेरे गुजरातियों चाहे हिंदू
हों या मुसलमान हर एक के अच्छे भविष्य कि परवाह है और इसलिए मुझे कुछ कड़े कदम उठाने
ही पड़ेंगें फिर चाहे उन्हें शुरुआत में अच्छा लगे या बुरा ,लेकिन जब इसके मीठे फल
उन्हें खाने को मिलेंगें तब देख लेना एक दिन वे सब कहेंगें कि हाँ मोदी ने बिलकुल
सही किया था ''
'' गुजरात को प्रगति चाहिए ,गुजरात को विकास चाहिए लेकिन साथ-२ सुरक्षा और सलामती भी उतनी ही चाहिए ,वे दिन बीत चुके जब दाउद इब्राहिम कराची में बैठकर गुजरात में मौजूद उसके पालतू पिल्लों ( सोहराबुद्दीन जैसों ) को फतवा जारी किया करता था और गुजरात आग कि लपटों में झुलस जाया करता था , जब तक मैं गुजरात कि गद्दी पर बैठा हूँ एक भी आतंकवादी को गुजरात कि पावन भूमि पर पनपने नहीं दूँगा चाहे इसकी कीमत मुझे मेरी कुर्सी देकर चुकानी पड़े या जान देकर ,दोनों के ही लिए मैं तैयार हूँ ''
'' हमने भाईचारे का मार्ग अपनाया है और इसीलिए आज साढ़े पांच करोड़ गुजराती हाथ से हाथ मिलाकर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि एक दिन ऐसा आए कि जब सारा विश्व गुजरात का लोहा माने और भाइयों और बहनों लिख करके रख लेना ,आज ही आप लोगों को बता रहा हूँ वो दिन जरूर आएगा जब सारी दुनिया कहेगी की कि हाँ गुजरात ने जो कहा वो करके दिखाया ''
- ( 9 सितम्बर 2002 को गुजरात के बेचारजी नामक
स्थान पर '' गुजरात गौरव यात्रा '' के दौरान दी गई मोदी जी कि धमाकेदार स्पीच के
कुछ अंश)

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